Din Ka Choghadiya – दिन का चौघड़िया

Din Ka Choghadiya – आज इस पोस्ट से हम जानेगे दिन का चौघड़िया के बारे मे भारत मे कई लोग हर रोज चौघड़िया के बारे मे जानना चाहते हे इसलिए मेने इस पोस्ट के माध्यम से Din Ka Choghadiya के बारे मे जानकारी दी हुई है। चौघड़िया के बारे मे जानकारी जाननी काफी जरूरी हे क्यू की इन चौघड़िया की मदद से हम सही मुहूर्त के बारे मे जान सकते हे ओर इससे आगे के कार्य करने के बारे मे हमे जानकारी होती है।

Din Ka Choghadiya – 13 अगस्त 2022, शनिवार

मुहूर्तसमय
काल05:49 AM to 07:28 AM
शुभ07:28 AM to 09:07 AM
रोग09:07 AM to 10:47 AM
उद्वेग10:47 AM to 12:26 PM
चर12:26 PM to 02:05 PM
काभ02:05 PM to 03:44 PM
अमृत03:44 PM to 05:23 PM
काल05:23 PM to 07:03 PM

Raat Ka Choghadiya – 13 अगस्त 2022, शनिवार

मुहूर्तसमय
लाभ07:03 PM to 08:23 PM
उद्वेग08:23 PM to 09:44 PM
शुभ09:44 PM to 11:05 PM
अमृत11:05 PM to 12:26 AM, Aug 14
चर12:26 AM to 01:47 AM, Aug 14
रोग01:47 AM to 03:08 AM, Aug 14
काल03:08 AM to 04:29 AM, Aug 14
लाभ04:29 AM to 05:50 AM, Aug 14

Din Ka Choghadiya – 14 अगस्त 2022, रविवार

मुहूर्तसमय
उद्वेग05:50 AM to 07:29 AM
चर07:29 AM to 09:08 AM
लाभ09:08 AM to 10:47 AM
अमृत10:47 AM to 12:26 PM
काल12:26 PM to 02:05 PM
शुभ02:05 PM to 03:44 PM
रोग03:44 PM to 05:23 PM
उद्वेग05:23 PM to 07:02 PM

Raat Ka Choghadiya – 14 अगस्त 2022, रविवार

मुहूर्तसमय
शुभ07:02 PM to 08:23 PM
अमृत 08:23 PM to 09:44 PM
चर09:44 PM to 11:05 PM
रोग11:05 PM to 12:26 AM, Aug 15
काल12:26 AM to 01:47 AM, Aug 15
लाभ01:47 AM to 03:08 AM, Aug 15
उद्वेग03:08 AM to 04:29 AM, Aug 15
शुभ04:29 AM to 05:50 AM, Aug 15

Din Ka Choghadiya – 15 अगस्त 2022, सोमवार

मुहूर्तसमय
अमृत05:50 AM to 07:29 AM
काल07:29 AM to 09:08 AM
शुभ09:08 AM to 10:47 AM
रोग10:47 AM to 12:25 PM
उद्वेग12:25 PM to 02:04 PM
चर02:04 PM to 03:43 PM
लाभ03:43 PM to 05:22 PM
अमृत05:22 PM to 07:01 PM

Raat Ka Choghadiya – 15 अगस्त 2022, सोमवार

मुहूर्तसमय
चर07:01 PM to 08:22 PM
रोग08:22 PM to 09:43 PM
काल09:43 PM to 11:04 PM
लाभ11:04 PM to 12:26 AM, Aug 16
उद्वेग12:26 AM to 01:47 AM, Aug 16
शुभ01:47 AM to 03:08 AM, Aug 16
अमृत03:08 AM to 04:29 AM, Aug 16
चर04:29 AM to 05:51 AM, Aug 16

Din Ka Choghadiya – 16 अगस्त 2022, मंगलवार

मुहूर्तसमय
रोग05:51 AM to 07:29 AM
उद्वेग07:29 AM to 09:08 AM
चर09:08 AM to 10:47 AM
लाभ10:47 AM to 12:25 PM
अमृत12:25 PM to 02:04 PM
काल02:04 PM to 03:42 PM
शुभ03:42 PM to 05:21 PM
रोग05:21 PM to 07:00 PM

Raat Ka Choghadiya – 16 अगस्त 2022, मंगलवार

मुहूर्तसमय
काल07:00 PM to 08:21 PM
लाभ08:21 PM to 09:43 PM
उद्वेग09:43 PM to 11:04 PM
शुभ11:04 PM to 12:25 AM, Aug 17
अमृत12:25 AM to 01:47 AM, Aug 17
चर01:47 AM to 03:08 AM, Aug 17
रोग03:08 AM to 04:30 AM, Aug 17
काल04:30 AM to 05:51 AM, Aug 17

चौघड़िया क्या है? – Choghadiya Kya Hai

चौघड़िया दिन के 24 घंटे के समय की दशा बताती हे ओर ये खगोलीय स्थिति के आधार पर ज्योतिष की तालीका देख ने की प्रक्रिया है। और चौघड़िया के आधार पर मुहूर्त देखना हिन्दू धर्म मे काफि महत्व हे क्यू की किसी भी शुभ कार्य करते समय इसको खास देखा जाता है।

चौघड़िया मे प्रतिदिन के लिये दिन, नक्षत्र तथा तिथि, योग और करण दिये जाते हैं। चौघड़िया मे ग्रहों की स्थिति पर आधारित ऐसी दशाओं में से दिन और रात्रि के लिए विवाह समारोह, पूजा, त्योहारों और किसी भी शुभ कार्य के हेतु शुभ एवं अशुभ समय को इस सारिणी के विभिन्न तालिकाओं में वर्गीकृत किया जाता है।

चौघड़िया हिन्दू धर्म मे हजारो वर्षो से देखा जाता हे और ये उन लोगो को देखना आता हे जिसको ज्योतिष विध्या का ज्ञान हो ओर वो एक ज्योतिष हो तो उसको किसी भी समय के चौघड़िया को आपको देख के बता सकता है।

इसके साथ चौघड़िया देखना घर के कई बड़े बुजुर्खों को भी देखना आत हे आप उनसे भी Din Ka Choghadiya और रात का चौघड़िया देखना सीख सकते है।

चौघड़िया की गणना की विधि क्या है?

प्रत्येक दिन के समय को दो भाग मे विभाजित करने की प्रक्रिया को चौघड़िया की गणना कहा जाता है। इसमे एक दिनमान की अवधि का समावेष हे जिसको सूर्योदय से सूर्यास्त तक माना जाता है जिसे सब Din Ka Choghadiya (दिन का चौघड़िया) कहेते हे ओर दूसरी अवधि को रात्रि समय कहा जाता हे जिसको सूर्यास्त से सूर्योदय तक के समय को माना जाता है।

चौघड़िया के इनहि दो भागो को फिर 8 बराबर के भाग मे विभाजित किया जाता है। अब इन सभी 8 विभाजन मे 4 के समूह को एक घड़ी के रूप मे देखा जाता है। ओर इन सभी समयो के विभाजन को ही चौघड़िया कहा जाता है।

चौघड़िया का महत्व क्या है?

हिंदू कैलेंडर मे ओर पंचांग मे मुहूर्त ओर चौघड़िया का एक खास महत्व ओर अभिन हिस्सा माना जाता है। ओर चौघड़िया मे हर दिन के ओर तारीख के आधार पर दिन रात के शुभ अशुभ का समय निर्धारित होता हे जिससे लाभ दायक ओर नुकसान दायक समय को सही से पहेचान सकते है।

ओर चौघड़िया कई सारे अलग-अलग पहेलुओ पर तय किया जाता है। और किसी भी दिन के पहेले चौघड़िया की देखने की गणना उस दिन के स्वामी ग्रह के के आधार पर देखि जाति है। अब हर दिन के स्वामी ग्रह अलग-अलग होते हे इसलिए हर रोज दिन का पहेला चोघड़िया हर रोज अलग-अलग ही आपको देखने को मिलेगा।

चौघड़िया का उपयोग जानिए

चौघड़िया भारत मे प्राचीन काल से हिंदू धर्म मे समय की सही गणना के लिए उपयोग मे लिया जाता है, और चौघड़िया प्रत्येक खंड में लगभग 24 मिनट के बराबर माना जाता है। भारत मे चौघड़िया देखने के लिए जादा तर उत्तर भारत के लोग ज्योतिष के बिना ही किसी शुभ कार्य के लिए सही चौघड़िया ओर समय देख ने के लिए देखा करते है।

दक्षिण भारत मे इस चोघड़िया शब्द को गोवरी पंचांग के नाम से बोला जाता है। और आपको ये जानना चाहिए की पूरे भारत मे सबसे जादा चौघड़िया पश्चिमी क्षेत्रों मे देखा जाता है ओर इसको हर कोई आम इंसान भी किसी शुभ कार्य के लिए इसका उपयोग किया करता है।

और चौघड़िया मुहूर्त का सबसे जादा उपयोग यहा के लोग किसी भी नए कार्य करने हेतु, किसी शुभ यात्रा हेतु, किसी भी नए व्यापार शुरू करने हेतु और भी कई सारे नए ओर शुभ कार्य करने हेतु उपयोग मे लिया करते है। और आज घड़ी का अर्थ समय के कूच भाग से किया जुयाता है। और प्राचीन समय मे भारत मे दिन ओर रात को आज के घंटे ओर मिनिट मे कई अलग-अलग घड़ियो मे बाटा हुआ था।

चौघड़िया मुहूर्त के बारे मे जानिए

  • उद्वेग
  • लाभ
  • चर
  • रोग
  • शुभ
  • काल
  • अमृत

उदवेग

  • चौघड़िया मे प्रथम स्थान का मुहूर्त उद्वेग को माना जाता है। ओर उद्वेग का स्वामी ग्रह सूर्य कहेलाते है। ओर उद्वेग चौघड़िया मे आपको प्रशासनिक कार्य करने से बच ना चाहिए क्यू की इसमे आपको इतना परिणाम नहीं देखने मिलता।

लाभ

  • लाभ चौघड़िया को चौघड़िया मे दूसरे स्थान का चौघड़िया कहा जाता है। लाभ मुहूर्त का स्वामी ग्रह बुध ग्रह को कहा जाता है। लाभ मुहूर्त मे आपको शिक्षा और व्यावसायिक कार्यो को करना चाहिए क्यू की लाभ चौघड़िया मे इन कार्यो के काफी अच्छे परिणाम देखने को मिलते है।

चर

  • चर मुहूरत का स्वामी ग्रह शुक्र को माना जाता है। और चर मुहूर्त का स्थान चौघड़िया की गणना मे तिसरा है। और अगर आपको कही यात्रा और पर्यटन करने जाना हे तो आपको चर मुहूर्त मे जाना चाहिए क्यू किस इस मुहूर्त मे इन कार्यो को श्रेष्ठ माना गया है।

रोग

  • रोग मुहूर्त को चौघड़िया मे चौथे स्थान पर रखा गया है। रोग मुहूर्त का स्वामी ग्रह मंगल को माना जाता है। आपको कभी भी रोग मुहूर्त मे चिकित्सीय सलहा नहीं लेनी चाहिए क्यू की इसको काफी बुरा माना जाता है।

शुभ

  • शुभ मुहूर्त के स्वामी ग्रह को बृहस्पति ग्रह को माना जाता है। शुभ मुहूर्त मे आप किसी भी शुभ कार्य को कर सकते हे ये शुभ मुहूर्त सभी कार्यो के लिए श्रेष्ठ हे। ज्यादातर शुभ मुहूर्त मे यज्ञ, पूजा, विवाह जेसे कार्यो को करना च्गाहिए क्यू की इस मुहूर मे बहोत ही अच्छे फल आपको मिलते है।

काल

  • कभी भी आपको काल मुहूर्त मे कीसि भी तरहा का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। काल मुहूर्त को कीसि भी शुभ कार्य करने से आपको ज्योतिष भी मना करेगे। काल मुहूर्त के समय पर शनि का स्वामित्व राहेता है और काल का सीधा संबंध अंत को माना जाता है।

अमृत

  • अमृत मुहूर्त को चौघड़िया मे सबसे अंतिम स्थान दिया गया है। ओर अमृत मुहूर्त को चंद्रमा का स्वामित्व माना जाता है। ओर अमृत मुहूर्त एसा हे जिसमे आप कोई भी कार्य करो उसका परिणाम आपको काफी अच्छा देखने को मिलेगा।
  • ये ध्यान से पढे – काल वेला, वार वेला और कालरात्रि के समय को भारत की ज्योतिष मे शुभ नहीं माना जाता है ओर ध्यान दे की इस समय पर कीसि भी तरहा की भविष्यवाणियां करने से आपको जरूर बच ना चाहिए।

चौघड़िया से जुड़े सवाल

  1. शुभ चौघड़िया का अर्थ क्या है?

    शुभ चौघड़िया का अर्थ यह हे की इस मुहूर्त मे आप कीसि भी शुभ कार्य को करे उसका काफि अच्छा पारिणाम आपको देख ने को मिल जाता है।

  2. काल वेला और वार वेला क्या है?

    काल वेला और वार वेला दिन के समय पर बहोत प्रबल होते है। और काल रात्रि रात के समय पर प्रबल मानी जाती है। और इन तीनों घड़ी मे किये गए कार्य लाभदायी नहीं होते है।

  3. दिन का चौघड़िया कैसे देखते हैं?

    दिन का चौघड़िया आप सूर्यदय होने के समय से दिन का चौघड़िया देख सकते है, और आपको यहा इस लेख मे भी हर रोज के Din Ka Choghadiya देख ने को मिल जाएगे।

  4. सबसे अच्छा मुहूर्त कौन सा होता है?

    सबसे अच्छा मुहूर्त अमृत होता है और उस्के बाद फ़ीर शुभ मुहूर्त भी काफी अच्छा माना जाता है।